भनवापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
भानु प्रताप सिंह (SWA) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 37.4% वोट पाकर भनवापुर सीट जीती और रण बहादुर सिंह (INC) को 1,678 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 175 नगर थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 175 खेसरहा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। भानु प्रताप सिंह 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भानु प्रताप सिंह स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 18,84437.4% |
| 2 | रण बहादुर सिंह | 17,16634.0% | |
| 3 | जसोदा नन्द Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 12,60025.0% |
| 4 | त्रिवेणी प्रसाद | 1,0292.0% | |
| 5 | राम सूरत चौधरी SVC | SVC | 8071.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भनवापुर से कौन जीता, 1967–1969
SWA ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 52.6% से घटकर 48.7% रह गया।
- 1967जे. नन्द (BJS), जीत का अंतर 7.4%
- 1969भानु प्रताप सिंह (SWA), जीत का अंतर 3.3%