पीलीभीतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
रियाज़ अहमद (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 35.0% वोट पाकर पीलीभीत सीट जीती और वी. के. गुप्ता (BJP) को 5,850 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 57 का नाम पीलीभीत था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 57 धौरहरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रियाज़ अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 35,09035.0% |
| 2 | वी. के. गुप्ता | 29,24029.1% | |
| 3 | रईस अहमद | 13,76513.7% | |
| 4 | सैयद अली अशर्फी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 7,7697.7% |
| 5 | उमेश दीक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3975.4% |
| 6 | सर्वदत्त सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8923.9% |
| 7 | सीता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1491.1% |
| 8 | पूरन लाल | 8090.8% | |
| 9 | राम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 7920.8% |
| 10 | नरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4410.4% |
| 11 | मोहम्मद तैयब निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.3% |
| 12 | मो. रसूल उर्फ़ गुलाम मो. रसूल निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.3% |
| 13 | नाथुलाल मौर्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.3% |
| 14 | बलराम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.2% |
| 15 | अरविन्द पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 16 | किशन चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 17 | रजनीश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 18 | हरिशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 19 | भूपेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पीलीभीत से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 48.6% से बढ़कर 58.7% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974धीरेन्द्र सहाय (BKD), जीत का अंतर 6.4%
- 1977धीरेन्द्र सहाय (JNP), जीत का अंतर 29.8%
- 1980चरण जीत सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 15.8%
- 1985सैयद अली अशरफी (INC), जीत का अंतर 13.4%
- 1989रियाज़ अहमद (IND), जीत का अंतर 5.8%
- 1991बी. के. गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 20.3%
- 1993बी. के. गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 14.7%
- 1996राज राय सिंह (BJP), जीत का अंतर 8.5%