पीलीभीतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
सैयद अली अशरफी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 40.3% वोट पाकर पीलीभीत सीट जीती और रियाज़ अहमद (निर्दलीय) को 9,145 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 57 का नाम पीलीभीत था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 57 धौरहरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सैयद अली अशरफी | 27,42040.3% | |
| 2 | रियाज़ अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 18,27526.9% |
| 3 | छोटे लाल | 13,43519.8% | |
| 4 | धीरेन्द्र सहाय Lok Dal | Lok Dal | 3,2604.8% |
| 5 | रहमत हुसैन वाम दल | वाम दल | 2,8814.2% |
| 6 | डोरी लाल | 5500.8% | |
| 7 | सैयद मोहम्मद ज़की निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.6% |
| 8 | राम दुलारे निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.5% |
| 9 | नरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.3% |
| 10 | नारायण लाल ICJ | ICJ | 2270.3% |
| 11 | हरि शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.3% |
| 12 | गोविन्द राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.2% |
| 13 | त्रिलोचन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.2% |
| 14 | सगीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.2% |
| 15 | कालीपद निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 16 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 17 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 18 | रामेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 19 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 340.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पीलीभीत से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 47.8% से बढ़कर 48.6% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974धीरेन्द्र सहाय (BKD), जीत का अंतर 6.4%
- 1977धीरेन्द्र सहाय (JNP), जीत का अंतर 29.8%
- 1980चरण जीत सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 15.8%
- 1985सैयद अली अशरफी (INC), जीत का अंतर 13.4%
- 1989रियाज़ अहमद (IND), जीत का अंतर 5.8%
- 1991बी. के. गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 20.3%
- 1993बी. के. गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 14.7%
- 1996राज राय सिंह (BJP), जीत का अंतर 8.5%