पीलीभीतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
बी. के. गुप्ता (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर पीलीभीत सीट जीती और रियाज अहमद (INC) को 19,978 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 57 का नाम पीलीभीत था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 57 धौरहरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बी. के. गुप्ता 20.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. के. गुप्ता | 47,61748.3% | |
| 2 | रियाज अहमद | 27,63928.0% | |
| 3 | धीरेन्द्र सहाय JP | JP | 11,62911.8% |
| 4 | परवेज़ हनीफ निर्दलीय | निर्दलीय | 5,9926.1% |
| 5 | अब्दुल अयूब निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0491.1% |
| 6 | सुल्तान आरिफ निर्दलीय | निर्दलीय | 6870.7% |
| 7 | हर प्रसासद पुत्र किरपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5160.5% |
| 8 | अली हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 4270.4% |
| 9 | राम सेवक निर्दलीय | निर्दलीय | 3920.4% |
| 10 | सीता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.4% |
| 11 | वीरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.3% |
| 12 | अनोधेय लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.3% |
| 13 | जाहिदा बेगम निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.3% |
| 14 | अशरफ निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 15 | सर्व दत्त सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 16 | खान नदिम वारसी निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 17 | नत्थू लाल पुत्र काशी नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
| 18 | राम किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 19 | नत्थू लाल पुत्र सोबरन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 20 | मुनव्वर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 21 | उमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 22 | हर प्रसाद पुत्र छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 23 | हरि शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 24 | रईस अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 25 | संजीव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 26 | अब्दुल वाहिद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 27 | अब्दुल माबूद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पीलीभीत से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 58.7% से घटकर 55.7% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974धीरेन्द्र सहाय (BKD), जीत का अंतर 6.4%
- 1977धीरेन्द्र सहाय (JNP), जीत का अंतर 29.8%
- 1980चरण जीत सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 15.8%
- 1985सैयद अली अशरफी (INC), जीत का अंतर 13.4%
- 1989रियाज़ अहमद (IND), जीत का अंतर 5.8%
- 1991बी. के. गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 20.3%
- 1993बी. के. गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 14.7%
- 1996राज राय सिंह (BJP), जीत का अंतर 8.5%