अलीगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
कृष्ण कुमार नवमान (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 46.4% वोट पाकर अलीगढ़ सीट जीती और ख़्वाजा मो. हलीम (JD) को 9,148 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 373 सिकंदराराऊ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 373 मुरादनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण कुमार नवमान | 51,98246.4% | |
| 2 | ख़्वाजा मो. हलीम राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 42,83438.2% |
| 3 | मो. फुरकान | 12,14610.8% | |
| 4 | हवीवुर रेहमान | 2,1821.9% | |
| 5 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1851.1% |
| 6 | गोवर्धन निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 7 | शमीम अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
| 8 | बनवारी लाल | 2090.2% | |
| 9 | इकबाल मासी निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.2% |
| 10 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 11 | कुंज बिहारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 12 | अमर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 13 | अच्छन खान LKD(B) | LKD(B) | 820.1% |
| 14 | बहाेरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 15 | हीरा लाल | 570.1% | |
| 16 | मुएबुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 17 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 18 | अब्दुल वाहिद निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 19 | धीरेन्द्र गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 20 | अब्दुल मतीन निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
| 21 | प्रद्युम्न कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 22 | अकील अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 23 | नीरज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, JD और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अलीगढ़ से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 45.1% से बढ़कर 55.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974इन्द्र पाल सिंह (BJS), जीत का अंतर 0.9%
- 1977मोजिज़ अली बेग (JNP), जीत का अंतर 4.3%
- 1980ख्वाजा हलीम (JNP(SC)), जीत का अंतर 6.3%
- 1985बलदेव सिंह (INC), जीत का अंतर 4.5%
- 1989कृष्ण कुमार नवमान (BJP), जीत का अंतर 8.2%
- 1991कृष्ण कुमार नवमन (BJP), जीत का अंतर 4.9%
- 1993कृष्ण कुमार नवमन (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 1996अब्दुल खालिक (SP), जीत का अंतर 21.6%