अलीगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बलदेव सिंह (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर अलीगढ़ सीट जीती और ख़्वाजा हलीम (LKD) को 3,001 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 373 सिकंदराराऊ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 373 मुरादनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बलदेव सिंह 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
31 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बलदेव सिंह | 26,51639.5% | |
| 2 | ख़्वाजा हलीम Lok Dal | Lok Dal | 23,51535.0% |
| 3 | इन्द्र पाल सिंह | 11,56517.2% | |
| 4 | गिरीश चन्द्र वाम दल | वाम दल | 9821.5% |
| 5 | बनवारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6671.0% |
| 6 | सलीम अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 6571.0% |
| 7 | अब्दुल वाहिद खान अब्बासी निर्दलीय | निर्दलीय | 4160.6% |
| 8 | विजय कुमार राकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3680.6% |
| 9 | जयपाल सिंह ICS | ICS | 3560.5% |
| 10 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.3% |
| 11 | खुर्शीद निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.3% |
| 12 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.3% |
| 13 | नारायण लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
| 14 | भवानी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.2% |
| 15 | अलमदार अब्बास निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.2% |
| 16 | प्रकाश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.2% |
| 17 | महेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.2% |
| 18 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 19 | अमर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 20 | इरशाद अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 21 | महेश पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 22 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 23 | हरि सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 24 | राम दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 25 | रतेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 26 | मुन्नी लाल अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 27 | शहाब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 28 | जय दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
| 29 | रघुबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 30 | गोवर्धन दास कश्यप निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 31 | केशव देव निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अलीगढ़ से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 46.0% से घटकर 45.1% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974इन्द्र पाल सिंह (BJS), जीत का अंतर 0.9%
- 1977मोजिज़ अली बेग (JNP), जीत का अंतर 4.3%
- 1980ख्वाजा हलीम (JNP(SC)), जीत का अंतर 6.3%
- 1985बलदेव सिंह (INC), जीत का अंतर 4.5%
- 1989कृष्ण कुमार नवमान (BJP), जीत का अंतर 8.2%
- 1991कृष्ण कुमार नवमन (BJP), जीत का अंतर 4.9%
- 1993कृष्ण कुमार नवमन (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 1996अब्दुल खालिक (SP), जीत का अंतर 21.6%