पूरनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
हर नारायण (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर पूरनपुर सीट जीती और विनोद कुमार (INC) को 15,274 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 60 का नाम पूरनपुर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 60 महमूदाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हर नारायण 15.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हर नारायण राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 46,93046.1% |
| 2 | विनोद कुमार | 31,65631.1% | |
| 3 | भारत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,3569.2% |
| 4 | हरि प्रसाद | 2,7372.7% | |
| 5 | ओम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0212.0% |
| 6 | अरुण कुमार शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7791.8% |
| 7 | मेवा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5761.6% |
| 8 | सुन्दर लाल | 1,4941.5% | |
| 9 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2981.3% |
| 10 | शंकर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7760.8% |
| 11 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4580.5% |
| 12 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 4040.4% |
| 13 | किशन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.3% |
| 14 | मोहम्मद हसन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.3% |
| 15 | शमसुल हसन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.2% |
| 16 | हरवंश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 17 | बलराम कृष्ण मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 18 | प्यारे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 19 | संत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पूरनपुर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 55.4% से घटकर 50.7% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974हरीश चन्द्र (BJS), जीत का अंतर 1.3%
- 1977बाबू राम प्रभाती (JNP), जीत का अंतर 3.4%
- 1980विनोद कुमार (INC(I)), जीत का अंतर 0.1%
- 1985विनोद कुमार (INC), जीत का अंतर 9.9%
- 1989हर नारायण (JD), जीत का अंतर 15.0%
- 1991प्रमोद कुमार (BJP), जीत का अंतर 0.6%
- 1993वीरेन्द्र मोहन सिंह (JD), जीत का अंतर 14.9%
- 1996गोपाल कृष्ण (SP), जीत का अंतर 2.7%