आर्य नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
रेशमा आरिफ (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 20.7% वोट पाकर आर्य नगर सीट जीती और मोहम्मद सुलेमान (MUL) को 439 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 287 किशुनपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 287 लखना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
आर्य नगर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 439 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रेशमा आरिफ राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 14,25020.7% |
| 2 | मोहम्मद सुलेमान राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 13,81120.1% |
| 3 | गणेश अवस्थी | 12,87718.7% | |
| 4 | हाफिज मोहम्मद उमर | 12,35417.9% | |
| 5 | पवन दीक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 7,01810.2% |
| 6 | ओम प्रकाश | 5,8068.4% | |
| 7 | साला उद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 5200.8% |
| 8 | अवधेश शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4800.7% |
| 9 | उमेश चन्द्र श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 4360.6% |
| 10 | मोहम्मद इस्लाम (आजाद) निर्दलीय | निर्दलीय | 3550.5% |
| 11 | ओम दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.3% |
| 12 | कल्पना निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.2% |
| 13 | जवाहर लाल | 1430.2% | |
| 14 | मोहम्मद अली LKD(B) | LKD(B) | 840.1% |
| 15 | योगेन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 16 | मुराद बख्श निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 17 | रामा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 18 | शरद मालवीय निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 19 | अशोक कुमार त्रिवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 20 | सुनील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 59% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आर्य नगर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 32.7% से बढ़कर 43.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974अब्दुल रेहमान खान नश्तरे (INC), जीत का अंतर 19.9%
- 1977बाबू बदरे (JNP), जीत का अंतर 13.3%
- 1980अब्दुल रहमान खान नश्तर (INC(I)), जीत का अंतर 24.0%
- 1985हाफिज मोहम्मद उमर (INC), जीत का अंतर 17.8%
- 1989रेशमा आरिफ (JD), जीत का अंतर 0.6%
- 1991सत्य देव पचौरी (BJP), जीत का अंतर 14.6%
- 1993महेश चन्द्र (BSP), जीत का अंतर 5.2%
- 1996मुश्ताक सोलंकी (SP), जीत का अंतर 2.6%