आर्य नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सत्य देव पचौरी (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 43.3% वोट पाकर आर्य नगर सीट जीती और मोहम्मद सुलेमान (IML) को 10,105 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 287 किशुनपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 287 लखना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्य देव पचौरी | 29,96443.3% | |
| 2 | मोहम्मद सुलेमान IML | IML | 19,85928.7% |
| 3 | एस.एम. उस्मान | 8,22211.9% | |
| 4 | रमेश चन्द्र कुरील | 5,3157.7% | |
| 5 | सैयद अबुल बरकत नज़मी जनता दल | जनता दल | 3,3064.8% |
| 6 | अफाक हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 8981.3% |
| 7 | विनायक त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.4% |
| 8 | इकबाल अहमद सिद्दीकी निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.3% |
| 9 | आशिक अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.3% |
| 10 | नागेन्द्र मिश्र ICS(SCS) | ICS(SCS) | 1120.2% |
| 11 | पूरन चन्द्र प्रेमी निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 12 | गुड्डी बसौर निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 13 | मोहम्मद अमीन बाबा निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 14 | शकील अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 15 | ओम दत्त पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 16 | कामरान रहमत उर्फ़ चंगू निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 17 | सूर्य कुमार चतुर्वेदी (रामुचौबे) निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 18 | पता निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 19 | नफीस निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 20 | आयशा बेगम MDL | MDL | 400.1% |
| 21 | राम रती निर्दलीय | निर्दलीय | 380.1% |
| 22 | कामरेड बाल कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 23 | राजेश कुमार त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 24 | बशारत बेग निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 25 | फूल चन्द गुप्ता | 270.0% | |
| 26 | सुनील लकुमार बाजपेयी निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
| 27 | राम शंकर मालवीय निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आर्य नगर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 43.8% से घटकर 43.1% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974अब्दुल रेहमान खान नश्तरे (INC), जीत का अंतर 19.9%
- 1977बाबू बदरे (JNP), जीत का अंतर 13.3%
- 1980अब्दुल रहमान खान नश्तर (INC(I)), जीत का अंतर 24.0%
- 1985हाफिज मोहम्मद उमर (INC), जीत का अंतर 17.8%
- 1989रेशमा आरिफ (JD), जीत का अंतर 0.6%
- 1991सत्य देव पचौरी (BJP), जीत का अंतर 14.6%
- 1993महेश चन्द्र (BSP), जीत का अंतर 5.2%
- 1996मुश्ताक सोलंकी (SP), जीत का अंतर 2.6%