शिकारपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
गंगा राम (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 50.5% वोट पाकर शिकारपुर सीट जीती और राज कुमार (INC) को 12,901 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 385 अनूपशहर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 385 बागपत है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गंगा राम 15.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंगा राम राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 41,93850.5% |
| 2 | राज कुमार | 29,03735.0% | |
| 3 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8967.1% |
| 4 | चंदर पाल | 3,3974.1% | |
| 5 | गिरधारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0071.2% |
| 6 | तेजा निर्दलीय | निर्दलीय | 6330.8% |
| 7 | कंछी | 4170.5% | |
| 8 | ओम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.3% |
| 9 | मवासी उर्फ़ मवासी राम शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.2% |
| 10 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 11 | मान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 12 | शाह पाल LKD(B) | LKD(B) | 840.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिकारपुर से कौन जीता, 1974–1993
JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 35.5% से बढ़कर 48.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।