खुटहनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
लालता प्रसाद यादव (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 30.5% वोट पाकर खुटहन सीट जीती और उमा कान्त यादव (BSP) को 2,595 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 257 केराकत थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 257 सोरांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। लालता प्रसाद यादव 3.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लालता प्रसाद यादव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 26,28730.5% |
| 2 | उमा कान्त यादव | 23,69227.5% | |
| 3 | जंग बहादुर | 19,08522.1% | |
| 4 | कमली खरवार उर्फ़ अर्गला निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9894.6% |
| 5 | लालजी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6473.1% |
| 6 | दिनेश कान्त | 1,8142.1% | |
| 7 | गिरजा शंकर पाण्डेय | 1,7952.1% | |
| 8 | राम प्रताप वाम दल | वाम दल | 1,3421.6% |
| 9 | रविन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2771.5% |
| 10 | राम प्रज्वलित निर्दलीय | निर्दलीय | 8351.0% |
| 11 | राजदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 6240.7% |
| 12 | कृपा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 5950.7% |
| 13 | तहसीलदार निर्दलीय | निर्दलीय | 5320.6% |
| 14 | जनार्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5090.6% |
| 15 | रामा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4680.5% |
| 16 | अभय राम मौर्य LKD(B) | LKD(B) | 4330.5% |
| 17 | विरंती निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.3% |
| 18 | नजमुल हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खुटहन से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 39.7% से बढ़कर 44.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974लक्ष्मी शंकर यादव (INC), जीत का अंतर 9.6%
- 1977लक्ष्मी शंकर (INC), जीत का अंतर 5.3%
- 1980जंग बहादुर (INC(I)), जीत का अंतर 10.0%
- 1985जंग बहादुर (INC), जीत का अंतर 5.7%
- 1989लालता प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 3.0%
- 1991उमा कान्त यादव (BSP), जीत का अंतर 24.1%
- 1993उमा कान्त यादव (BSP), जीत का अंतर 32.3%
- 1996उमाकांत यादव (SP), जीत का अंतर 14.1%