खुटहनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
उमा कान्त यादव (BSP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर खुटहन सीट जीती और राम अकबाल सिंह (BJP) को 21,606 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 257 केराकत थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 257 सोरांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उमा कान्त यादव 24.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उमा कान्त यादव | 40,79745.6% | |
| 2 | राम अकबाल सिंह | 19,19121.4% | |
| 3 | लालता प्रसाद यादव JP | JP | 7,5088.4% |
| 4 | जंग बहादुर यादव | 7,1798.0% | |
| 5 | कामता प्रसाद सिंह जनता दल | जनता दल | 5,5456.2% |
| 6 | पति राम बिन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7752.0% |
| 7 | जय प्रकाश मिश्रा (मुन्ना) | 1,3771.5% | |
| 8 | जगदीश चन्द्र अस्थाना निर्दलीय | निर्दलीय | 8530.9% |
| 9 | बृज मोहन मौर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 7040.8% |
| 10 | कमली खरवाए उर्फ़ अर्गला निर्दलीय | निर्दलीय | 6340.7% |
| 11 | मोती लाल यादव | 6020.7% | |
| 12 | रमेश चन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5370.6% |
| 13 | राजा राम यादव खलीफा निर्दलीय | निर्दलीय | 5060.6% |
| 14 | जनार्धन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.5% |
| 15 | नजमुल हुसन निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.4% |
| 16 | राम पालाट बिन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.3% |
| 17 | शारदा प्रसाद शर्मा | 2650.3% | |
| 18 | राज देव यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.3% |
| 19 | अलाउद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.3% |
| 20 | विश्वनाथ PRC | PRC | 2010.2% |
| 21 | अनिल कुमार उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.2% |
| 22 | नसीम खान कर्मयोगी निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 23 | साबीर उर्फ़ रूहुल्लाह DMM | DMM | 310.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खुटहन से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 44.8% से बढ़कर 46.4% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BSP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974लक्ष्मी शंकर यादव (INC), जीत का अंतर 9.6%
- 1977लक्ष्मी शंकर (INC), जीत का अंतर 5.3%
- 1980जंग बहादुर (INC(I)), जीत का अंतर 10.0%
- 1985जंग बहादुर (INC), जीत का अंतर 5.7%
- 1989लालता प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 3.0%
- 1991उमा कान्त यादव (BSP), जीत का अंतर 24.1%
- 1993उमा कान्त यादव (BSP), जीत का अंतर 32.3%
- 1996उमाकांत यादव (SP), जीत का अंतर 14.1%