सिधौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
श्याम लाल रावत (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 30.5% वोट पाकर सिधौली सीट जीती और परागी लाल चौधरी (INC) को 3,669 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 77 का नाम सिधौली था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 77 सफ़ीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। श्याम लाल रावत 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्याम लाल रावत राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 25,49830.5% |
| 2 | परागी लाल चौधरी | 21,82926.1% | |
| 3 | चन्द्रिका प्रसाद | 20,12324.1% | |
| 4 | रामकरण | 8,63010.3% | |
| 5 | हरि प्रसाद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9185.9% |
| 6 | मैकू | 1,1001.3% | |
| 7 | लाल्टू निर्दलीय | निर्दलीय | 6600.8% |
| 8 | तिला निर्दलीय | निर्दलीय | 5510.7% |
| 9 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 10 | रामनरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिधौली से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 35.4% से बढ़कर 44.0% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JP ने जीती।
- 1974श्याम लाल रावत (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 1977गणेश लाल चौधरी वकील पुत्र मूल चन्द (JNP), जीत का अंतर 7.1%
- 1980राम लाल (BJP), जीत का अंतर 7.4%
- 1985रामलाल पुत्र लालटू (INC), जीत का अंतर 2.5%
- 1989श्याम लाल रावत (JD), जीत का अंतर 4.4%
- 1991श्याम लाल रावत (JP), जीत का अंतर 4.3%
- 1993श्याम लाल रावत (SP), जीत का अंतर 17.3%
- 1996श्याम लाल रावत (SP), जीत का अंतर 5.5%