सहसवानविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
मीरमज़हर अली उर्फ़ नन्हे मियाँ (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 38.6% वोट पाकर सहसवान सीट जीती और नरेश प्रताप सिंह (INC) को 14,170 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 42 का नाम सहसवान था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 42 बरखेड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मीरमज़हर अली उर्फ़ नन्हे मियाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 36,70538.6% |
| 2 | नरेश प्रताप सिंह | 22,53523.7% | |
| 3 | ओमकार सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 21,75322.9% |
| 4 | चंद्र मोहन उर्फ़ चन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0555.3% |
| 5 | राम बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3753.5% |
| 6 | चन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7591.9% |
| 7 | हरि सिंह LKD(B) | LKD(B) | 1,4181.5% |
| 8 | बलबीर सिंह | 5590.6% | |
| 9 | सलीम साबीर सिद्दीक निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.5% |
| 10 | चरनी उर्फ़ धर्मपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.3% |
| 11 | नसीम निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.3% |
| 12 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.3% |
| 13 | वीरेन्द्र सिंह यादव | 2690.3% | |
| 14 | हबीब अहमद | 2680.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सहसवान से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 55.8% से घटकर 53.5% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974शांति देवी (BKD), जीत का अंतर 10.9%
- 1977नरेश पाल सिंह यादव (JNP), जीत का अंतर 10.9%
- 1980मीर मिज़हर अली (INC(I)), जीत का अंतर 8.9%
- 1985नरेश पाल सिंह यादव (LKD), जीत का अंतर 6.3%
- 1989मीरमज़हर अली उर्फ़ नन्हे मियाँ (IND), जीत का अंतर 14.9%
- 1991ओमकार सिंह (JD), जीत का अंतर 23.7%
- 1993मीर मजहर अली उर्फ़ नन्हे मियाँ (SP), जीत का अंतर 11.3%
- 1996मुलायम सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 41.2%