सहसवानविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
नरेश पाल सिंह यादव (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 48.7% वोट पाकर सहसवान सीट जीती और अफजाल अली उर्फ़ अच्छे मियां (INC) को 5,187 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 42 का नाम सहसवान था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 42 बरखेड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेश पाल सिंह यादव Lok Dal | Lok Dal | 40,30948.7% |
| 2 | अफजाल अली उर्फ़ अच्छे मियां | 35,12242.4% | |
| 3 | सगीर अहमद जनता | जनता | 2,7313.3% |
| 4 | चन्द्र पाल सिंह कश्यप निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0341.3% |
| 5 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 8831.1% |
| 6 | राम नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 8811.1% |
| 7 | पति राम यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6080.7% |
| 8 | वीरेन्द्र | 4430.5% | |
| 9 | बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 4140.5% |
| 10 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3890.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD, INC और JNP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सहसवान से कौन जीता, 1974–1996
LKD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 57.3% से घटकर 55.8% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974शांति देवी (BKD), जीत का अंतर 10.9%
- 1977नरेश पाल सिंह यादव (JNP), जीत का अंतर 10.9%
- 1980मीर मिज़हर अली (INC(I)), जीत का अंतर 8.9%
- 1985नरेश पाल सिंह यादव (LKD), जीत का अंतर 6.3%
- 1989मीरमज़हर अली उर्फ़ नन्हे मियाँ (IND), जीत का अंतर 14.9%
- 1991ओमकार सिंह (JD), जीत का अंतर 23.7%
- 1993मीर मजहर अली उर्फ़ नन्हे मियाँ (SP), जीत का अंतर 11.3%
- 1996मुलायम सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 41.2%