कटेहरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
रविन्द्र नाथ तिवारी (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 23.4% वोट पाकर कटेहरी सीट जीती और राम देव वर्मा (BSP) को 337 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 129 कादीपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 129 रामनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कटेहरी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 337 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविन्द्र नाथ तिवारी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 22,78123.4% |
| 2 | राम देव वर्मा | 22,44423.1% | |
| 3 | जिया राम शुकुल | 21,42622.0% | |
| 4 | अम्बिका सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 13,91714.3% |
| 5 | श्री नाथ | 3,0143.1% | |
| 6 | त्रिवेणी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7132.8% |
| 7 | राम अदालत निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3742.4% |
| 8 | रविन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3801.4% |
| 9 | राम निहोर वर्मा | 1,3321.4% | |
| 10 | अनरुद्ध कुमार वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0671.1% |
| 11 | राम बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7690.8% |
| 12 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 7140.7% |
| 13 | धर्म राज निर्दलीय | निर्दलीय | 6450.7% |
| 14 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.4% |
| 15 | राज मणि तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 4040.4% |
| 16 | राम शंकर उर्फ़ राम शंकर मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.3% |
| 17 | लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.3% |
| 18 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.3% |
| 19 | हौसिला प्रसाद नाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.3% |
| 20 | राम उजागिर निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 21 | राम रूप उर्फ़ राम सुख वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 22 | शिव नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
| 23 | राम मूर्ति सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 24 | शिव प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कटेहरी से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 46.2% से बढ़कर 49.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974भगवती प्रसाद शुक्ला (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1977रविन्द्र नाथ तिवारी (JNP), जीत का अंतर 14.6%
- 1980जिया राम शुकुल विकल साकेती (INC(I)), जीत का अंतर 7.3%
- 1985रविन्द्र नाथ तिवारी (JNP), जीत का अंतर 7.3%
- 1989रविन्द्र नाथ तिवारी (JD), जीत का अंतर 0.3%
- 1991अनिल कुमार तिवारी (BJP), जीत का अंतर 8.2%
- 1993राम देव वर्मा (BSP), जीत का अंतर 32.0%
- 1996धर्मराज निषाद (BSP), जीत का अंतर 3.8%