कटेहरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अनिल कुमार तिवारी (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 29.9% वोट पाकर कटेहरी सीट जीती और राम देव वर्मा (BSP) को 7,858 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 129 कादीपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 129 रामनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनिल कुमार तिवारी | 28,60929.9% | |
| 2 | राम देव वर्मा | 20,75121.7% | |
| 3 | बाबू राम निषाद जनता दल | जनता दल | 18,39219.2% |
| 4 | रविन्द्र नाथ तिवारी JP | JP | 13,90214.5% |
| 5 | जिया राम शुक्ला (विकल साकेती) | 7,5057.8% | |
| 6 | राम बरन यादव | 1,0301.1% | |
| 7 | जिया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5950.6% |
| 8 | रविन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4820.5% |
| 9 | जनीर निर्दलीय | निर्दलीय | 4790.5% |
| 10 | जय प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4140.4% |
| 11 | नरेन्द्र तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 4120.4% |
| 12 | मेवा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3970.4% |
| 13 | राम लोचन प्रजापति निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.4% |
| 14 | राम केश वर्मा | 3350.3% | |
| 15 | राम नेवल निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.3% |
| 16 | विद्या भास्कर दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.3% |
| 17 | महेन्द्र प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.3% |
| 18 | छठू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.3% |
| 19 | मिथलेश कुमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.2% |
| 20 | श्री कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 21 | हरीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 22 | सुमिरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 23 | हौसिला प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कटेहरी से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 49.8% से घटकर 48.8% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974भगवती प्रसाद शुक्ला (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1977रविन्द्र नाथ तिवारी (JNP), जीत का अंतर 14.6%
- 1980जिया राम शुकुल विकल साकेती (INC(I)), जीत का अंतर 7.3%
- 1985रविन्द्र नाथ तिवारी (JNP), जीत का अंतर 7.3%
- 1989रविन्द्र नाथ तिवारी (JD), जीत का अंतर 0.3%
- 1991अनिल कुमार तिवारी (BJP), जीत का अंतर 8.2%
- 1993राम देव वर्मा (BSP), जीत का अंतर 32.0%
- 1996धर्मराज निषाद (BSP), जीत का अंतर 3.8%