डुमरियागंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
प्रेम प्रकाश उर्फ़ जिप्पी तिवारी (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 35.5% वोट पाकर डुमरियागंज सीट जीती और तौफ़ीक़ अहमद (INC) को 3,015 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 170 हर्रैया थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 170 मानीराम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। प्रेम प्रकाश उर्फ़ जिप्पी तिवारी 2.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रेम प्रकाश उर्फ़ जिप्पी तिवारी | 41,51135.5% | |
| 2 | तौफ़ीक़ अहमद | 38,49632.9% | |
| 3 | कमाल युसुफ मलिक राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 32,33627.6% |
| 4 | प्रभु | 2,1411.8% | |
| 5 | पट्टूराम आजाद | 1,9411.7% | |
| 6 | अकबाल अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.2% |
| 7 | बब्बन निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.2% |
| 8 | दिनेश चन्द त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डुमरियागंज से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 56.1% से बढ़कर 57.6% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974जलील अब्बासी (INC), जीत का अंतर 12.5%
- 1977मलिक मोहम्मद कमल युसुफ (JNP), जीत का अंतर 32.7%
- 1980कमल युसुफ (JNP(SC)), जीत का अंतर 16.4%
- 1985कमल यूसुफ मलिक (LKD), जीत का अंतर 26.8%
- 1989प्रेम प्रकाश उर्फ़ जिप्पी तिवारी (BJP), जीत का अंतर 2.6%
- 1991प्रेम प्रकाश उर्फ़ जिप्पित एवरी (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 1993प्रेम प्रकाश उर्फ़ जिप्पी तिवारी (BJP), जीत का अंतर 6.9%
- 1996तौफ़ीक़ अहमद (SP), जीत का अंतर 5.3%