कालपीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
च. शंकर सिंह (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर कालपी सीट जीती और श्री राम (BSP) को 10,765 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 334 मऊरानीपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 334 जलेसर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | च. शंकर सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 42,11644.0% |
| 2 | श्री राम | 31,35132.8% | |
| 3 | बद्री सिंह | 14,44315.1% | |
| 4 | कैलाश स्वरूप बाजपेयी | 5,2965.5% | |
| 5 | गंगा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7530.8% |
| 6 | शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.6% |
| 7 | ईनायत अली निर्दलीय | निर्दलीय | 4420.5% |
| 8 | यशवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3760.4% |
| 9 | मोहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कालपी से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 52.1% से बढ़कर 53.3% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974बीरसिंह (BJS), जीत का अंतर 10.5%
- 1977शंकर सिंह (JNP), जीत का अंतर 1.7%
- 1980शंकर सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 4.2%
- 1985बद्री सिंह (INC), जीत का अंतर 4.7%
- 1989च. शंकर सिंह (JD), जीत का अंतर 11.3%
- 1991श्री राम (BSP), जीत का अंतर 6.8%
- 1993श्री राम (BSP), जीत का अंतर 22.6%
- 1996श्रीराम (BSP), जीत का अंतर 5.3%