भगवन्त नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
देवकी नन्दन (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर भगवन्त नगर सीट जीती और भगवती सिंह विशारद (INC) को 9,093 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 96 पुरवा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 96 डलमऊ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवकी नन्दन | 39,92545.1% | |
| 2 | भगवती सिंह विशारद | 30,83234.8% | |
| 3 | रंजीत | 9,97411.3% | |
| 4 | कमला शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0203.4% |
| 5 | शिवकुमार सिंह | 1,3991.6% | |
| 6 | भगोती LKD(B) | LKD(B) | 6890.8% |
| 7 | सुवोधनी निर्दलीय | निर्दलीय | 6800.8% |
| 8 | सिद्धनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 6310.7% |
| 9 | विजय कुमार SSD | SSD | 6070.7% |
| 10 | करुणा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4730.5% |
| 11 | वेंकटेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3300.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भगवन्त नगर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 39.8% से बढ़कर 45.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974भगवती सिंह विशारद (INC), जीत का अंतर 11.8%
- 1977देवकी नन्दन (JNP), जीत का अंतर 16.1%
- 1980भगवती सिंह विशारद (INC(I)), जीत का अंतर 36.3%
- 1985भगवती सिंह विशारद (INC), जीत का अंतर 17.8%
- 1989देवकी नन्दन (BJP), जीत का अंतर 10.3%
- 1991भगवती सिंह विशारद (INC), जीत का अंतर 2.1%
- 1993देवकी नन्दन (BJP), जीत का अंतर 12.8%
- 1996कृपा शंकर सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.8%