शाहजहॉपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
सुरेश कुमार खन्ना (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 40.9% वोट पाकर शाहजहॉपुर सीट जीती और नवाब सिकन्दर अली खान (निर्दलीय) को 4,899 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 66 का नाम शाहजहॉपुर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 66 मछरेहटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सुरेश कुमार खन्ना 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेश कुमार खन्ना | 44,82140.9% | |
| 2 | नवाब सिकन्दर अली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 39,92236.4% |
| 3 | अश्फाक उल्ला खान | 16,07314.7% | |
| 4 | ओम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5142.3% |
| 5 | अजीजुर्रहमान | 1,4611.3% | |
| 6 | राजाराम JNP(JP) | JNP(JP) | 8130.7% |
| 7 | मोहम्मद सलीम वाम दल | वाम दल | 6760.6% |
| 8 | राज पाल सिंह | 6450.6% | |
| 9 | मोहम्मद इस्लाम खान MUM | MUM | 5500.5% |
| 10 | इख़लाक़ निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.5% |
| 11 | मैकू निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.3% |
| 12 | राममुर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.2% |
| 13 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.2% |
| 14 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 15 | मोहम्मद इकबाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.1% |
| 16 | अमितेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 17 | उमेश चन्द्र मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 18 | शेख रफजत उल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 19 | महेश निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 20 | सैयद आफ़ाक़ हुसैन जेडी निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 21 | सत्य नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाहजहॉपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 44.2% से बढ़कर 51.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974मोहम्मद रफ़ी खान (NCO), जीत का अंतर 3.8%
- 1977मोहम्मद रफ़ी खान (JNP), जीत का अंतर 26.2%
- 1980नवाब सादिक अली खान (INC(I)), जीत का अंतर 14.4%
- 1985नवाब सिकन्दर अली खान (INC), जीत का अंतर 6.3%
- 1989सुरेश कुमार खन्ना (BJP), जीत का अंतर 4.5%
- 1991सुरेश कुमार खन्ना (BJP), जीत का अंतर 26.5%
- 1993सुरेश कुमार खन्ना (BJP), जीत का अंतर 13.6%
- 1996सुरेश कुमार खन्ना (BJP), जीत का अंतर 16.8%