मऊविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
मोबीन (BSP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 25.7% वोट पाकर मऊ सीट जीती और रामजी (BJP) को 1,547 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 220 मार्टिनगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 220 सैदपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मऊ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,547 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोबीन | 26,72925.7% | |
| 2 | रामजी | 25,18224.2% | |
| 3 | हबीबुर रहमान नोमानी | 23,88722.9% | |
| 4 | इम्तियाज वाम दल | वाम दल | 20,78219.9% |
| 5 | महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7521.7% |
| 6 | बालकिशुन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3821.3% |
| 7 | नेसार JNP(JP) | JNP(JP) | 1,0451.0% |
| 8 | अबुल कलाम पुत्र अज़ीज़ू LKD(B) | LKD(B) | 6910.7% |
| 9 | प्रसिद्ध नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 6610.6% |
| 10 | बाल चन्द्र | 5070.5% | |
| 11 | कन्हैया निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.3% |
| 12 | खैरुल बशर निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.3% |
| 13 | मोहिउद्दीन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.2% |
| 14 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.2% |
| 15 | अबुल कलाम पुत्र अबुल गणी निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.1% |
| 16 | गोपी चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 17 | मोहम्मद तारिक निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मऊ से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 49.2%। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।