मऊविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
इम्तियाज़ अहमद (CPI) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 26.7% वोट पाकर मऊ सीट जीती और मुख्तार अब्बास (BJP) को 133 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 220 मार्टिनगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 220 सैदपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मऊ का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 133 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
31 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इम्तियाज़ अहमद वाम दल | वाम दल | 27,59726.7% |
| 2 | मुख्तार अब्बास | 27,46426.6% | |
| 3 | हबीबुर रहमान नोमानी | 19,02718.4% | |
| 4 | मोबीन | 18,40917.8% | |
| 5 | राजेन्द्र पुत्र कामता निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2353.1% |
| 6 | उसरौल हक JP | JP | 1,8281.8% |
| 7 | रामप्रीति | 1,0311.0% | |
| 8 | दया नन्द | 6530.6% | |
| 9 | मुख्तार निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.5% |
| 10 | सुभाष चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4690.5% |
| 11 | मूल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.3% |
| 12 | अजमल सगीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.3% |
| 13 | राजेन्द्र पुत्र चिखुर निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.3% |
| 14 | हबीब निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.2% |
| 15 | कमरुन एच. निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.2% |
| 16 | हर्ष वर्धन निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 17 | अहमद हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 1900.2% |
| 18 | ननखू | 1750.2% | |
| 19 | बाबुल निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 20 | अनीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 21 | रमजान निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 22 | नन्दलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 23 | जनार्दन निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 24 | मंसूर निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 25 | अताउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 26 | रामजी निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 27 | भरिगु नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 28 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 29 | राय मल निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 30 | ध्यान निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 31 | अश्विनी कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मऊ से कौन जीता, 1974–1996
CPI ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; CPI ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 49.2% से घटकर 48.7% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।