सरोजनी नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
शारदा प्रताप शुक्ला (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 39.3% वोट पाकर सरोजनी नगर सीट जीती और राजा विजयकुमार त्रिपाठी (INC) को 1,213 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 105 का नाम सरोजनी नगर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 105 अमेठी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सरोजनी नगर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,213 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शारदा प्रताप शुक्ला राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 31,50739.3% |
| 2 | राजा विजयकुमार त्रिपाठी | 30,29437.8% | |
| 3 | रामस्वरूप सिंह LKD(B) | LKD(B) | 8,91311.1% |
| 4 | नन्दकिशोर यादव | 3,4214.3% | |
| 5 | सुखलाल UPRP | UPRP | 1,6932.1% |
| 6 | रामलखन यादव | 1,6872.1% | |
| 7 | शेरबहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0081.3% |
| 8 | ब्रह्मानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 9711.2% |
| 9 | सरजू प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4430.6% |
| 10 | सत्यनारायण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 11 | अनिल कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरोजनी नगर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 40.9% से बढ़कर 42.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974विजय कुमार (INC), जीत का अंतर 15.3%
- 1977छेदा सिंह चौहान (JNP), जीत का अंतर 5.0%
- 1980विजय कुमार (INC(I)), जीत का अंतर 3.7%
- 1985शारदा प्रताप (IND), जीत का अंतर 3.2%
- 1989शारदा प्रताप शुक्ला (JD), जीत का अंतर 1.5%
- 1991विजय कुमार त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 3.2%
- 1993श्याम किशोर यादव (SP), जीत का अंतर 15.7%
- 1996श्याम किशोर यादव (SP), जीत का अंतर 3.3%