गाजीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
खुर्शीद (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 23.1% वोट पाकर गाजीपुर सीट जीती और दयानंद (निर्दलीय) को 1,029 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 233 कोपाचीट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 233 भदोही है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गाजीपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,029 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
32 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खुर्शीद निर्दलीय | निर्दलीय | 23,55623.1% |
| 2 | दयानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 22,52722.1% |
| 3 | अमिताभ अनिल | 15,28715.0% | |
| 4 | उदय प्रताप | 13,92213.6% | |
| 5 | जगदीश वाम दल | वाम दल | 11,40011.2% |
| 6 | मोहम्मद हारून निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8543.8% |
| 7 | चन्द्रिका निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7472.7% |
| 8 | सैयदा फ़ैज़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4751.4% |
| 9 | कैलाश LKD(B) | LKD(B) | 1,4011.4% |
| 10 | पधुम्ना यादव | 7380.7% | |
| 11 | शहाबउददीन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5710.6% |
| 12 | गुलाब चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 5530.5% |
| 13 | राजपति शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 5190.5% |
| 14 | मुखदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 4930.5% |
| 15 | शिव मूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 3490.3% |
| 16 | राकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3040.3% |
| 17 | मल्लू निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.3% |
| 18 | हरि नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.3% |
| 19 | इंद्रासन निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.3% |
| 20 | मोहम्मद इकबाल अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 21 | तौकीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 22 | राजेन्द्र पुत्र हरिवंश निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 23 | बदरुद्दीन शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.2% |
| 24 | जैनिंदिनी सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
| 25 | सत्य नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 26 | राजेन्द्र पुत्र हिरामण निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 27 | हसन मुहम्मद खान वारसी निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 28 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 29 | सुदर्शन निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 30 | राम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 31 | सत्य नारायण राजगरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
| 32 | जफर अब्बास निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 60% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गाजीपुर से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 45.9% से बढ़कर 50.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।