गाजीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1974
शाह अब्दुल फ़ैज़ (BKD) ने 1974 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर गाजीपुर सीट जीती और राम सूरत सिंह (INC) को 8,824 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 233 कोपाचीट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 233 भदोही है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शाह अब्दुल फ़ैज़ महागठबंधन | महागठबंधन | 26,17738.2% |
| 2 | राम सूरत सिंह कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 17,35325.3% |
| 3 | बच्चन सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 11,67817.0% |
| 4 | राम सुन्दर शास्त्री वाम दल | वाम दल | 5,4207.9% |
| 5 | दरबारी | 2,8474.2% | |
| 6 | यासीन | 1,9912.9% | |
| 7 | बलरूप शर्मा RSM | RSM | 1,3582.0% |
| 8 | बालेश्वर राम कुरील SSD | SSD | 1,3331.9% |
| 9 | सय्यद अहमद मिसाल जैदी निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गाजीपुर से कौन जीता, 1974–1996
इसके बाद 1977 के चुनाव में यह सीट JNP ने जीती।