गाजीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
अमिताभ अनिल दुबे (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 36.5% वोट पाकर गाजीपुर सीट जीती और राम नारायण सिंह (LKD) को 14,167 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 233 कोपाचीट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 233 भदोही है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अमिताभ अनिल दुबे 19.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमिताभ अनिल दुबे | 27,05536.5% | |
| 2 | राम नारायण सिंह Lok Dal | Lok Dal | 12,88817.4% |
| 3 | ए. मोहिउद्दीन वाम दल | वाम दल | 11,62515.7% |
| 4 | राम बृक्ष यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8815.2% |
| 5 | रूप चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7755.1% |
| 6 | बृज भूषण पाण्डेय | 2,7453.7% | |
| 7 | पीयूष कान्त वर्मा जनता | जनता | 2,7113.6% |
| 8 | हरिहर सिंह ICJ | ICJ | 1,6322.2% |
| 9 | प्रेम प्रकाश भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6012.2% |
| 10 | प्रद्युम्न | 7881.1% | |
| 11 | अमीर सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6960.9% |
| 12 | सर्वजीत प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6070.8% |
| 13 | ओमप्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4780.6% |
| 14 | कमला पति निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.6% |
| 15 | राजेन्द्र प्रसाद रावण निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.5% |
| 16 | श्याम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3760.5% |
| 17 | विश्वनाथ प्रसाद मानिब निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.5% |
| 18 | पवनसुत गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.4% |
| 19 | सदा नन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2890.4% |
| 20 | रमेश चन्द्र खरहर निर्दलीय | निर्दलीय | 2880.4% |
| 21 | दीना नाथ गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.4% |
| 22 | सुभावती निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.4% |
| 23 | फेकू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.4% |
| 24 | राजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.3% |
| 25 | राम सूरत सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 26 | राम करण निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गाजीपुर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 48.7% से घटकर 45.9% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।