गाजीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
उदय प्रताप (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 27.4% वोट पाकर गाजीपुर सीट जीती और हसन मोहम्मद खान वारसी (JD) को 2,472 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 233 कोपाचीट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 233 भदोही है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। उदय प्रताप 2.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
38 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उदय प्रताप | 26,28027.4% | |
| 2 | हसन मोहम्मद खान वारसी जनता दल | जनता दल | 23,80824.8% |
| 3 | विश्वनाथ प्रसाद मुनीब | 14,47515.1% | |
| 4 | खुर्शीद JP | JP | 11,67612.2% |
| 5 | प्रेम प्रकाश भारती SSD | SSD | 4,0254.2% |
| 6 | उमा पाण्डेय | 3,5803.7% | |
| 7 | महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7381.8% |
| 8 | रविन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5311.6% |
| 9 | सुनील सिंह यादव | 1,4951.6% | |
| 10 | सुभाष सिंह कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0231.1% |
| 11 | मोहन लाल विश्वकर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.5% |
| 12 | प्रद्युम्न | 4640.5% | |
| 13 | दूध नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.4% |
| 14 | मोहम्मद खलीउल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.4% |
| 15 | मजीर अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3450.4% |
| 16 | जनार्दन PBI | PBI | 3380.3% |
| 17 | बेचन सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2980.3% |
| 18 | शाहनवाज निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.3% |
| 19 | राम अवतार निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.3% |
| 20 | फलजीत सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.3% |
| 21 | रामजीत उर्फ़ मकसूदन निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.3% |
| 22 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2470.3% |
| 23 | जवाहिर निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.3% |
| 24 | त्यागी मुख देव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.2% |
| 25 | प्रभु यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2180.2% |
| 26 | मोहम्मद हारून BRP | BRP | 2120.2% |
| 27 | तौकीर उर्फ़ शंकर एच. तुर्बी निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.2% |
| 28 | राम पति निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.2% |
| 29 | राम औतार निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 30 | जैबुन निशा निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 31 | कैलाश सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.2% |
| 32 | अशरफ निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 33 | सुरेश चन्द श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 34 | हमीद हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 35 | सुमेर सिंह कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 36 | सत्य नारायण राजगढ़िया निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 37 | करुंजम निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 38 | अज़हर निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गाजीपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 50.1% से घटकर 46.8% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।