गड़वाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
राय लक्ष्मी नारायण सिंह (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 32.6% वोट पाकर गड़वारा सीट जीती और राम शिरोमन दुबे (INC) को 245 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 258 बयालसी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 258 नवाबगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गड़वारा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 245 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राय लक्ष्मी नारायण सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 23,87232.6% |
| 2 | राम शिरोमन दुबे | 23,62732.3% | |
| 3 | बृज लाल वाम दल | वाम दल | 9,38212.8% |
| 4 | विद्या शंकर | 4,4956.1% | |
| 5 | राम सूरत पटेल | 4,1035.6% | |
| 6 | जगदीश चौरसिया | 1,2401.7% | |
| 7 | इस्माईल निर्दलीय | निर्दलीय | 8851.2% |
| 8 | रघुनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 8701.2% |
| 9 | गोपाल मणि वाम दल | वाम दल | 8031.1% |
| 10 | केशो प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6600.9% |
| 11 | साधौ UPRP | UPRP | 6540.9% |
| 12 | राम जस | 5930.8% | |
| 13 | पन्ना लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5820.8% |
| 14 | आदित्य प्रसाद दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.5% |
| 15 | गुलाब चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3250.4% |
| 16 | घुरहू उर्फ़ राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.3% |
| 17 | राम शिरोमन निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.3% |
| 18 | राज पति सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.2% |
| 19 | राम बहादुर उर्फ़ समर बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 20 | हरगेन निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गड़वारा से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 44.3% से घटकर 42.9% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974राम शिरोमणि दुबे (INC), जीत का अंतर 0.8%
- 1977राम शिरोमणि (INC), जीत का अंतर 2.6%
- 1980राम शिरोमणि (INC(I)), जीत का अंतर 9.1%
- 1985लक्ष्मी नारायण (LKD), जीत का अंतर 6.1%
- 1989राय लक्ष्मी नारायण सिंह (JD), जीत का अंतर 0.3%
- 1991रण नारायण बिन्द (JD), जीत का अंतर 5.6%
- 1993उमाशंकर (BSP), जीत का अंतर 8.9%
- 1996सीमा द्विवेदी (BJP), जीत का अंतर 5.0%