भोगनीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
प्यारे लाल शंखवार (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 56.1% वोट पाकर भोगनीपुर सीट जीती और राधे श्याम (INC) को 24,445 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 295 कानपुर कैंट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 295 कमालगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्यारे लाल शंखवार 28.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्यारे लाल शंखवार राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 48,68656.1% |
| 2 | राधे श्याम | 24,24127.9% | |
| 3 | भगवती प्रसाद | 9,93211.4% | |
| 4 | प्रहलाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5542.9% |
| 5 | बांके लाल | 5350.6% | |
| 6 | उदयवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 5070.6% |
| 7 | रघुवीर उर्फ़ रघुवीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.3% |
| 8 | हुब्ब लाल भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और BSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भोगनीपुर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 32.2% से बढ़कर 47.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974केशरी लाल (BKD), जीत का अंतर 17.3%
- 1977मौजी लाल कुरील (JNP), जीत का अंतर 11.3%
- 1980गंगा सागर संखवार (INC(I)), जीत का अंतर 20.7%
- 1985राधे श्याम (INC), जीत का अंतर 16.1%
- 1989प्यारे लाल शंखवार (JD), जीत का अंतर 28.1%
- 1991प्यारे लाल संखवार (JD), जीत का अंतर 1.1%
- 1993भगवती प्रसाद सागर (BSP), जीत का अंतर 3.7%
- 1996राधेश्याम (BSP), जीत का अंतर 4.8%