सलेमपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
सुरेश यादव (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर सलेमपुर सीट जीती और आनन्द यादव (BSP) को 29,298 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 205 कुशीनगर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 205 रसड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुरेश यादव 30.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेश यादव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 45,27746.6% |
| 2 | आनन्द यादव | 15,97916.5% | |
| 3 | राम विलास राव निर्दलीय | निर्दलीय | 13,53613.9% |
| 4 | अनिरुद्ध मिश्रा | 8,7459.0% | |
| 5 | अवधेश प्रताप मल्ल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6584.8% |
| 6 | श्रीराम JNP(JP) | JNP(JP) | 3,9674.1% |
| 7 | श्याम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9153.0% |
| 8 | जहीर निर्दलीय | निर्दलीय | 9481.0% |
| 9 | युगुल किशोर LKD(B) | LKD(B) | 6350.7% |
| 10 | रामपति | 4410.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सलेमपुर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 45.2% से बढ़कर 45.9% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974हरि केवल (SOP), जीत का अंतर 4.3%
- 1977हरि केवल प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 14.3%
- 1980दुर्गा प्रसाद मिश्र (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 1985अवधेश प्रताप मल्ल (INC), जीत का अंतर 13.3%
- 1989सुरेश यादव (JD), जीत का अंतर 30.2%
- 1991स्वामी नाथ यादव (JD), जीत का अंतर 4.8%
- 1993आनन्द यादव (BSP), जीत का अंतर 7.8%
- 1996मोराद लारी (BSP), जीत का अंतर 4.7%