अतरौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
कल्याण सिंह (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 46.3% वोट पाकर अतरौली सीट जीती और अनवर खान (INC) को 1,510 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 372 सासनी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 372 गाजियाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अतरौली का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,510 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कल्याण सिंह | 47,84246.3% | |
| 2 | अनवर खान | 46,33244.9% | |
| 3 | पन्ना लाल | 3,3953.3% | |
| 4 | के. एस. पोनिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9331.9% |
| 5 | अभय कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1431.1% |
| 6 | रघुवीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8070.8% |
| 7 | कृष्ण गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5520.5% |
| 8 | ईश्वरी BLMD | BLMD | 4610.5% |
| 9 | कान्ति सिंह | 3820.4% | |
| 10 | नेक राम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.1% |
| 11 | इफ्तखार अहमेद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 12 | सुबोध कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अतरौली से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.0% से घटकर 46.3% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 65.4% से घटकर 58.1% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974कल्याण सिंह (BJS), जीत का अंतर 3.2%
- 1977कल्याण सिंह (JNP), जीत का अंतर 25.5%
- 1980अनवर खान (INC(I)), जीत का अंतर 3.0%
- 1985कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 18.9%
- 1989कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 1.5%
- 1991कल्याण सिंह मधोली (BJP), जीत का अंतर 25.6%
- 1993कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 13.6%
- 1996कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 24.4%