अतरौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
कल्याण सिंह मधोली (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 54.8% वोट पाकर अतरौली सीट जीती और अनवर खान (INC) को 27,377 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 372 सासनी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 372 गाजियाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कल्याण सिंह मधोली 25.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कल्याण सिंह मधोली | 58,64054.8% | |
| 2 | अनवर खान | 31,26329.2% | |
| 3 | अमर सिंह JP | JP | 6,5416.1% |
| 4 | केशव देव हरियाणा जनता दल | जनता दल | 5,4945.1% |
| 5 | वीर प्रकाश | 1,4091.3% | |
| 6 | लक्ष्मण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8340.8% |
| 7 | पदम के. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5180.5% |
| 8 | लाला राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4530.4% |
| 9 | चन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.3% |
| 10 | इफ्तखार अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.2% |
| 11 | विजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.2% |
| 12 | अम्बिका प्रसाद शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.1% |
| 13 | राकेश गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 14 | कलियन सिंह नाथपुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.1% |
| 15 | धारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 16 | महेन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 17 | जितेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 18 | राम पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 19 | हरचरण लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 20 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 21 | अमरीक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 22 | हरस्वरूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 23 | नूर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 24 | सिया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JP को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अतरौली से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.3% से बढ़कर 54.8% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 58.1% से घटकर 56.7% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974कल्याण सिंह (BJS), जीत का अंतर 3.2%
- 1977कल्याण सिंह (JNP), जीत का अंतर 25.5%
- 1980अनवर खान (INC(I)), जीत का अंतर 3.0%
- 1985कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 18.9%
- 1989कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 1.5%
- 1991कल्याण सिंह मधोली (BJP), जीत का अंतर 25.6%
- 1993कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 13.6%
- 1996कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 24.4%