इकौनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
विष्णु दयाल (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 28.6% वोट पाकर इकौना सीट जीती और रामसागर राव (INC) को 459 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 153 चरदा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 153 रामनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
इकौना का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 459 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विष्णु दयाल | 16,69828.6% | |
| 2 | रामसागर राव | 16,23927.9% | |
| 3 | त्रिभुवन प्रसाद चक्रवर्ती राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 10,44917.9% |
| 4 | पचारणनाथ | 5,5489.5% | |
| 5 | बालक राम कुलदीप JNP(JP) | JNP(JP) | 3,1235.4% |
| 6 | राम सागर | 2,2873.9% | |
| 7 | राम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8573.2% |
| 8 | मोल्टू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2672.2% |
| 9 | हीरा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.8% |
| 10 | शिवनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3990.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इकौना से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 19.3% से बढ़कर 31.3% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974दुलारा देवी (INC), जीत का अंतर 16.7%
- 1977विष्णु दयाल (JNP), जीत का अंतर 32.4%
- 1980राज किशोर राव (INC(I)), जीत का अंतर 7.0%
- 1985राम सागर राव (INC), जीत का अंतर 21.9%
- 1989विष्णु दयाल (BJP), जीत का अंतर 0.8%
- 1991विशुन दयाल (BJP), जीत का अंतर 32.9%
- 1993अछैबर लाल (BJP), जीत का अंतर 13.5%
- 1996अक्षयबर लाल (BJP), जीत का अंतर 8.0%