नौरंगियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
पूर्णवासी (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 27.4% वोट पाकर नौरंगिया सीट जीती और श्रीनरायन (BJP) को 3,345 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 194 फरेन्दा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 194 गोपालपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। पूर्णवासी 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पूर्णवासी निर्दलीय | निर्दलीय | 22,08027.4% |
| 2 | श्रीनरायन | 18,73523.2% | |
| 3 | सीता राम | 15,80019.6% | |
| 4 | महेश | 12,59415.6% | |
| 5 | गया प्रसाद JNP(JP) | JNP(JP) | 3,2904.1% |
| 6 | अध निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4783.1% |
| 7 | पाना निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0052.5% |
| 8 | वनहू | 1,6372.0% | |
| 9 | गोरख निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1611.4% |
| 10 | वृन्दा निर्दलीय | निर्दलीय | 4750.6% |
| 11 | सीताराम मौर्या SOP(RP) | SOP(RP) | 3770.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नौरंगिया से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 25.6% से बढ़कर 45.4% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974श्री नारायण उर्फ़ भुलई (BJS), जीत का अंतर 3.5%
- 1977नारायण उर्फ़ भुलई भाई (JNP), जीत का अंतर 16.3%
- 1980महेश प्रसाद (INC(I)), जीत का अंतर 26.1%
- 1985बैज नाथ (INC), जीत का अंतर 37.7%
- 1989पूर्णवासी (IND), जीत का अंतर 4.2%
- 1991दीप लाल भारती (BJP), जीत का अंतर 22.4%
- 1993पूरनमासी देहाती (SP), जीत का अंतर 7.5%
- 1996दीप लाल भारती (BJP), जीत का अंतर 11.1%