गोरखपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
शिव प्रताप शुक्ला (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 38.8% वोट पाकर गोरखपुर सीट जीती और जफर (BSP) को 10,867 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 185 धुरियापार थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 185 गौरी बाज़ार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शिव प्रताप शुक्ला 15.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिव प्रताप शुक्ला | 27,91338.8% | |
| 2 | जफर | 17,04623.7% | |
| 3 | सुनील शास्त्री | 12,45317.3% | |
| 4 | अशोक कुमार श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3196.0% |
| 5 | रामदास | 4,3136.0% | |
| 6 | कमाल अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1751.6% |
| 7 | औसाफ़ अहमद सिद्दीकी JNP(JP) | JNP(JP) | 1,0181.4% |
| 8 | जीता कौर IPF | IPF | 5760.8% |
| 9 | कृष्ण मौर्या | 4360.6% | |
| 10 | विजय कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 3920.6% |
| 11 | शम्स अनवर निर्दलीय | निर्दलीय | 3900.5% |
| 12 | परवेज़ परवाज MUM | MUM | 3890.5% |
| 13 | प्रेमनाथ | 3480.5% | |
| 14 | तहव्वुर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.3% |
| 15 | सुभाष चन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.2% |
| 16 | कपिल देव निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.2% |
| 17 | मिस्वाहुद्दीन वारसी निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 18 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 19 | सुवास निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 20 | रामआसरे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 21 | महेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 22 | रामनारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 23 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 24 | हैदर अली SDP | SDP | 430.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोरखपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 37.2% से बढ़कर 46.4% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974अवधेश कुमार (BJS), जीत का अंतर 3.3%
- 1977अवधेश कुमार श्रीवास्तव (JNP), जीत का अंतर 44.9%
- 1980सुनील शास्त्री (INC(I)), जीत का अंतर 10.0%
- 1985सुनील शास्त्री (INC), जीत का अंतर 21.7%
- 1989शिव प्रताप शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 15.1%
- 1991शिव प्रताप शुकल (BJP), जीत का अंतर 35.3%
- 1993शिव प्रताप शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 20.0%
- 1996शिवा प्रताप शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 30.7%