फ़ाज़िलनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
विश्वनाथ (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 35.9% वोट पाकर फ़ाज़िलनगर सीट जीती और लल्लन (CPI) को 19,251 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 199 नौरंगिया थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 199 सरायमीर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — विश्वनाथ 19.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विश्वनाथ राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 36,20135.9% |
| 2 | लल्लन वाम दल | वाम दल | 16,95016.8% |
| 3 | बद्रीश्वर उर्फ़ कमोद सिंह | 14,61614.5% | |
| 4 | अवुतल्हा LKD(B) | LKD(B) | 8,8098.7% |
| 5 | हैदर | 7,3027.2% | |
| 6 | गंगा सिंह | 7,2137.2% | |
| 7 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 6,6976.6% |
| 8 | नकछेद | 1,1261.1% | |
| 9 | वसंती निर्दलीय | निर्दलीय | 9500.9% |
| 10 | वीरेन्द्र JNP(JP) | JNP(JP) | 9370.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फ़ाज़िलनगर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 40.5% से बढ़कर 51.4% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974रामायण राय (INC), जीत का अंतर 22.4%
- 1977रमेश नरेश पाण्डेय (JNP), जीत का अंतर 29.7%
- 1980खुदादीन अंसारी (INC(I)), जीत का अंतर 8.0%
- 1985शशि शर्मा (INC), जीत का अंतर 6.7%
- 1989विश्वनाथ (JD), जीत का अंतर 19.1%
- 1991बिश्वा नाथ (JD), जीत का अंतर 5.3%
- 1993विष्ण नाथ (JD), जीत का अंतर 4.1%
- 1996विश्वनाथ (SP), जीत का अंतर 4.0%