सरायमीरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
हीरा लाल गौतम (BSP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 34.0% वोट पाकर सरायमीर सीट जीती और दरोगा प्रसाद सरोज (SP) को 7,387 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 199 फ़ाज़िलनगर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 199 जसवन्तनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हीरा लाल गौतम | 44,02134.0% | |
| 2 | दरोगा प्रसाद सरोज | 36,63428.3% | |
| 3 | हेमराज NDA | NDA | 32,69825.2% |
| 4 | श्यामदेव | 5,6914.4% | |
| 5 | पतारू राम PMSP | PMSP | 2,6952.1% |
| 6 | सेवा राम सोनकर NLP | NLP | 2,4151.9% |
| 7 | राजनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8061.4% |
| 8 | चितबहाल UPRP | UPRP | 1,7711.4% |
| 9 | मिठाई लाल गौतम AD | AD | 9730.8% |
| 10 | चम्पा देवी RTKP | RTKP | 9630.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरायमीर से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 2002हीरा लाल गौतम (BSP), जीत का अंतर 5.7%
- 2007भोला (SP), जीत का अंतर 0.6%