धुरियापारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
मार्केंण्डे चन्द (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 36.3% वोट पाकर धुरियापार सीट जीती और अच्युतानंद टी. (INC) को 10,201 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 180 रूधौली थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 180 हाटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मार्केंण्डे चन्द राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 35,34836.3% |
| 2 | अच्युतानंद टी. | 25,14725.8% | |
| 3 | मोहम्मद मोहसिन खान | 17,49617.9% | |
| 4 | शैलेंद्र प्रताप शाही उर्फ़ मुन्नू शाही | 13,03613.4% | |
| 5 | सुरसरी प्रसाद मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7241.8% |
| 6 | रामनयन मौर्या | 1,0881.1% | |
| 7 | नारद राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0341.1% |
| 8 | महेश प्रसाद दवे निर्दलीय | निर्दलीय | 7840.8% |
| 9 | प्रभाकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7700.8% |
| 10 | शिवसरन मौर्या LKD(B) | LKD(B) | 4270.4% |
| 11 | राजवंशी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.4% |
| 12 | रामकोमल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2840.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धुरियापार से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.7% से बढ़कर 51.7% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974चन्द्र शेखर (INC), जीत का अंतर 18.0%
- 1977जगदीश प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 6.6%
- 1980मार्केंण्डे चन्द (INC(U)), जीत का अंतर 8.3%
- 1985अच्युत नन्द तिवारी (IND), जीत का अंतर 4.5%
- 1989मार्केंण्डे चन्द (JD), जीत का अंतर 10.5%
- 1991मार्केंण्डे चन्द (JD), जीत का अंतर 3.1%
- 1993मोहसिन (BSP), जीत का अंतर 4.0%
- 1996मार्केंण्डे चन्द (BSP), जीत का अंतर 3.1%