पुवायांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
चेत राम (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर पुवायां सीट जीती और बद्री प्रसाद (JD) को 1,780 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 61 का नाम पुवायां था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 61 सिधौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पुवायां का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,780 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चेत राम | 33,08134.9% | |
| 2 | बद्री प्रसाद राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 31,30133.1% |
| 3 | माया देवी दिनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 20,02821.2% |
| 4 | नेत राम | 3,8694.1% | |
| 5 | राम सहाय | 1,3831.5% | |
| 6 | राजा राम | 1,1841.3% | |
| 7 | होरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1321.2% |
| 8 | मुन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 8730.9% |
| 9 | शंकर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5960.6% |
| 10 | जग मोहन सिंह व्यास निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.4% |
| 11 | भगवान सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 4000.4% |
| 12 | राम आसरे निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.3% |
| 13 | जय राखन निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुवायां से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.0% से घटकर 34.9% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 39.5% से बढ़कर 46.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।