कासगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
गोवर्धन सिंह (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 39.3% वोट पाकर कासगंज सीट जीती और मान पाल सिंह (INC) को 6,139 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 347 अलीगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 347 मथुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोवर्धन सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 35,20239.3% |
| 2 | मान पाल सिंह | 29,06332.4% | |
| 3 | नेतराम सिंह | 15,49717.3% | |
| 4 | महेन्द्र पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3794.9% |
| 5 | भगवान दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9133.3% |
| 6 | सुबोध निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3021.4% |
| 7 | राम प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4820.5% |
| 8 | हमीद अली LKD(B) | LKD(B) | 3760.4% |
| 9 | चिरंजी निर्दलीय | निर्दलीय | 3680.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कासगंज से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 49.7% से बढ़कर 51.0% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974मान पाल सिंह (INC), जीत का अंतर 3.3%
- 1977नेत राम सिंह (JNP), जीत का अंतर 33.4%
- 1980मनपाल सिंह एडवोकेट (INC(I)), जीत का अंतर 21.7%
- 1985मनपाल सिंह (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 1989गोवर्धन सिंह (JD), जीत का अंतर 6.8%
- 1991नेत राम सिंह (BJP), जीत का अंतर 18.4%
- 1993कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 20.8%
- 1996नेतराम सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.6%