कासगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
कल्याण सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर कासगंज सीट जीती और शैलेश कुमार यादव (SP) को 24,258 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 347 अलीगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 347 मथुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कल्याण सिंह 20.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कल्याण सिंह | 50,39443.1% | |
| 2 | शैलेश कुमार यादव समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 26,13622.4% |
| 3 | मनपाल सिंह | 17,86815.3% | |
| 4 | उमेश चन्द्र जनता दल | जनता दल | 12,57510.8% |
| 5 | शशि लता चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 6,4895.5% |
| 6 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7940.7% |
| 7 | प्रेम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.3% |
| 8 | कश्मीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.2% |
| 9 | कैलाश कुमार सिंह JP | JP | 2470.2% |
| 10 | होरी लाल | 2430.2% | |
| 11 | चिरंजी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 12 | विनोद निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.1% |
| 13 | चित्तर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.1% |
| 14 | सुभाष चन्द्र प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 15 | रोशन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 16 | राजवीर सिंह | 1060.1% | |
| 17 | कौशल किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 18 | कुमार पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 19 | गीतम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 20 | योगेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 21 | कुंवर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 22 | लाला राम निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 23 | श्याम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 24 | जुगल कुशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 25 | चन्द्र पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 26 | देवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 440.0% |
| 27 | नरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 28 | अजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
| 29 | नाथू निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कासगंज से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.6% से बढ़कर 43.1% हो गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 48.5% से बढ़कर 60.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974मान पाल सिंह (INC), जीत का अंतर 3.3%
- 1977नेत राम सिंह (JNP), जीत का अंतर 33.4%
- 1980मनपाल सिंह एडवोकेट (INC(I)), जीत का अंतर 21.7%
- 1985मनपाल सिंह (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 1989गोवर्धन सिंह (JD), जीत का अंतर 6.8%
- 1991नेत राम सिंह (BJP), जीत का अंतर 18.4%
- 1993कल्याण सिंह (BJP), जीत का अंतर 20.8%
- 1996नेतराम सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.6%