पटियालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
देवेन्द्र सिंह (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 41.5% वोट पाकर पटियाली सीट जीती और राजेन्द्र सिंह (निर्दलीय) को 13,009 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 344 जसराना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 344 खेरागढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवेन्द्र सिंह | 39,42741.5% | |
| 2 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 26,41827.8% |
| 3 | मुनव्वर हु राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 21,12922.2% |
| 4 | राम प्रकाश | 3,0993.3% | |
| 5 | अमर सिंह LKD(B) | LKD(B) | 2,1662.3% |
| 6 | श्रीकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0511.1% |
| 7 | नाथू राम | 8340.9% | |
| 8 | वीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4550.5% |
| 9 | इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.4% |
| 10 | ए. सत्तार निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 11 | परमानन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पटियाली से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.1% से घटकर 41.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 58.3% से घटकर 54.0% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974मलिक मोहम्मद जमीर खान (INC), जीत का अंतर 19.3%
- 1977जसवीर सिंह (JNP), जीत का अंतर 16.2%
- 1980मलिक मोहम्मद जमीर अहमद (INC(I)), जीत का अंतर 8.4%
- 1985राजिंद्र सिंह (INC), जीत का अंतर 7.0%
- 1989देवेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 13.7%
- 1991राजेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 5.2%
- 1993सज्जन पाल सिंह उर्फ़ रज्जन पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 3.3%
- 1996कुंवर दवेन्द्र सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 17.6%