पटियालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
सज्जन पाल सिंह उर्फ़ रज्जन पाल सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर पटियाली सीट जीती और देवेन्द्र सिंह यादव (INC) को 3,925 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 344 जसराना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 344 खेरागढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सज्जन पाल सिंह उर्फ़ रज्जन पाल सिंह 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सज्जन पाल सिंह उर्फ़ रज्जन पाल सिंह | 42,54935.3% | |
| 2 | देवेन्द्र सिंह यादव | 38,62432.0% | |
| 3 | परवेज खान | 27,68522.9% | |
| 4 | मुनव्वर हुसैन जनता दल | जनता दल | 9,3547.8% |
| 5 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3750.3% |
| 6 | मलिखान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.2% |
| 7 | सुरेश पाल | 2620.2% | |
| 8 | चन्द्र शेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 9 | बृज पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 10 | जहाँ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 11 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 12 | मोहम्मद साबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 13 | काली चरण पुत्र जंगी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 14 | राज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 15 | काली चरण सिंह पुत्र मुन्शी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 16 | सत्येन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 17 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 18 | सत्य प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 19 | हमीर सिंह JP | JP | 610.1% |
| 20 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 21 | गजराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 540.0% |
| 22 | रामवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 23 | मेवा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 440.0% |
| 24 | सूरज पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 25 | मोहम्मद युसुफ निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 26 | किशन पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पटियाली से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.8% से बढ़कर 35.3% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 54.7% से बढ़कर 62.1% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974मलिक मोहम्मद जमीर खान (INC), जीत का अंतर 19.3%
- 1977जसवीर सिंह (JNP), जीत का अंतर 16.2%
- 1980मलिक मोहम्मद जमीर अहमद (INC(I)), जीत का अंतर 8.4%
- 1985राजिंद्र सिंह (INC), जीत का अंतर 7.0%
- 1989देवेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 13.7%
- 1991राजेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 5.2%
- 1993सज्जन पाल सिंह उर्फ़ रज्जन पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 3.3%
- 1996कुंवर दवेन्द्र सिंह यादव (SP), जीत का अंतर 17.6%