मिर्जापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
सरजीत सिंह डांग (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 29.9% वोट पाकर मिर्जापुर सीट जीती और शिव शंकर (JD) को 2,136 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 265 दुद्धी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 265 खागा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सरजीत सिंह डांग 2.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरजीत सिंह डांग | 24,40629.9% | |
| 2 | शिव शंकर राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 22,27027.3% |
| 3 | अशरफ इमाम | 20,94725.7% | |
| 4 | लक्ष्मी नारायण LKD(B) | LKD(B) | 3,2153.9% |
| 5 | प्रदीप निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6333.2% |
| 6 | मो. महाझर अली खान | 1,8882.3% | |
| 7 | जवाहिर | 1,5321.9% | |
| 8 | गुलजार UPRP | UPRP | 9671.2% |
| 9 | केवला प्रसाद प्रजापति निर्दलीय | निर्दलीय | 8811.1% |
| 10 | मोहन लाल | 5240.6% | |
| 11 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.5% |
| 12 | कृष्ण मुरारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.4% |
| 13 | गिरजा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.3% |
| 14 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.2% |
| 15 | गोटन निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 16 | रवि कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.2% |
| 17 | प्रेम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 18 | जमाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 19 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.2% |
| 20 | जय राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 21 | अवध राज निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 22 | जय नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 23 | निजामुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मिर्जापुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 41.6% से बढ़कर 44.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974आशा राम (BJS), जीत का अंतर 5.6%
- 1977राज नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1980अज़हर इमाम (INC(I)), जीत का अंतर 17.6%
- 1985अशरफीमान (INC), जीत का अंतर 7.2%
- 1989सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 2.6%
- 1991सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 16.8%
- 1993सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1996सरजीत सिंह (BJP), जीत का अंतर 9.8%