मिर्जापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सरजीत सिंह डांग (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 41.7% वोट पाकर मिर्जापुर सीट जीती और शिव बहादुर (JD) को 13,566 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 265 दुद्धी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 265 खागा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सरजीत सिंह डांग 16.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरजीत सिंह डांग | 33,66941.7% | |
| 2 | शिव बहादुर जनता दल | जनता दल | 20,10324.9% |
| 3 | जमुना प्रसाद | 10,81513.4% | |
| 4 | शिव शंकर JP | JP | 7,2989.0% |
| 5 | बेगम अशरफ इमाम | 4,8576.0% | |
| 6 | कैलाश नाथ | 9131.1% | |
| 7 | जय नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 4160.5% |
| 8 | कृपा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.4% |
| 9 | रवि कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.4% |
| 10 | चन्द्र शेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.3% |
| 11 | कुतुब निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.3% |
| 12 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.2% |
| 13 | जवाहिर | 1490.2% | |
| 14 | रामेश्वर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 15 | करुणा निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 16 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 17 | प्रकाश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 18 | कुसुम सैलेस निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 19 | निजामुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 20 | प्रदीप निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 21 | दमरी UPRP | UPRP | 960.1% |
| 22 | देव मुनि निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 23 | विश्व नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 24 | सत्तन उर्फ़ बेचन निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 25 | दीपक खन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 26 | नन्द लाल | 260.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मिर्जापुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 29.9% से बढ़कर 41.7% हो गया। मतदान प्रतिशत 1989 के 44.1% से घटकर 43.5% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974आशा राम (BJS), जीत का अंतर 5.6%
- 1977राज नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1980अज़हर इमाम (INC(I)), जीत का अंतर 17.6%
- 1985अशरफीमान (INC), जीत का अंतर 7.2%
- 1989सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 2.6%
- 1991सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 16.8%
- 1993सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1996सरजीत सिंह (BJP), जीत का अंतर 9.8%