मिर्जापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
सरजीत सिंह डांग (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 33.2% वोट पाकर मिर्जापुर सीट जीती और बदरुद्दीन हाशमी (BSP) को 2,295 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 265 दुद्धी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 265 खागा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मिर्जापुर का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,295 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरजीत सिंह डांग | 38,23833.2% | |
| 2 | बदरुद्दीन हाशमी | 35,94331.2% | |
| 3 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 15,35913.3% |
| 4 | सिद्ध नाथ जनता दल | जनता दल | 10,9929.6% |
| 5 | दीप चन्द | 8,8977.7% | |
| 6 | अजीत | 6300.6% | |
| 7 | मोहम्मद इसुफ़ हाशमी निर्दलीय | निर्दलीय | 6060.5% |
| 8 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5160.5% |
| 9 | छवि नाथ JP | JP | 5030.4% |
| 10 | खरबन निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.4% |
| 11 | शिव नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4490.4% |
| 12 | ओम प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4420.4% |
| 13 | जाफर आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 3810.3% |
| 14 | चन्द्र लोचन निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.3% |
| 15 | मकसूद निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.2% |
| 16 | दिनेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.2% |
| 17 | ज्ञान चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
| 18 | मस्त राम | 1450.1% | |
| 19 | लक्ष्मी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 20 | देवी चरण | 1130.1% | |
| 21 | जफरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 22 | सोखी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 23 | राजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मिर्जापुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.7% से घटकर 33.2% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 43.5% से बढ़कर 55.8% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974आशा राम (BJS), जीत का अंतर 5.6%
- 1977राज नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1980अज़हर इमाम (INC(I)), जीत का अंतर 17.6%
- 1985अशरफीमान (INC), जीत का अंतर 7.2%
- 1989सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 2.6%
- 1991सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 16.8%
- 1993सरजीत सिंह डांग (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1996सरजीत सिंह (BJP), जीत का अंतर 9.8%