मेहनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
दीप नारायण (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 37.5% वोट पाकर मेहनगर सीट जीती और राम जग (CPI) को 3,645 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 216 आज़मगढ़ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 216 ज़मानिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। दीप नारायण 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दीप नारायण | 32,75337.5% | |
| 2 | राम जग वाम दल | वाम दल | 29,10833.3% |
| 3 | सुरेश चन्द | 15,18117.4% | |
| 4 | राम राज JNP(JP) | JNP(JP) | 4,5335.2% |
| 5 | सेवाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2551.4% |
| 6 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1121.3% |
| 7 | राजनरायन | 9271.1% | |
| 8 | नरसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9181.1% |
| 9 | बंशराज निर्दलीय | निर्दलीय | 7960.9% |
| 10 | फिक्रीदास उर्फ़ तिलकराज निर्दलीय | निर्दलीय | 5750.7% |
| 11 | इन्द्रजीत भारतीय निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मेहनगर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.0% से बढ़कर 37.5% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 38.3% से बढ़कर 41.6% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।