आज़मगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
भीमा प्रसाद (SSP) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 30.4% वोट पाकर आज़मगढ़ सीट जीती और चन्द्र बली ब्रह्मचारी (INC) को 3,954 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 216 सलेमपुर पूर्व थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 216 मेहनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भीमा प्रसाद | 20,14430.4% | |
| 2 | चन्द्र बली ब्रह्मचारी | 16,19024.4% | |
| 3 | बली राम | 12,28318.6% | |
| 4 | राज बली Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 11,18616.9% |
| 5 | रामो देवी | 5,1057.7% | |
| 6 | बालेश्वर SVC | SVC | 1,3132.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आज़मगढ़ से कौन जीता, 1967–1969
SSP ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.4% से घटकर 30.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 53.3% से बढ़कर 60.3% हो गया।
- 1967बी. प्रसाद (SSP), जीत का अंतर 15.2%
- 1969भीमा प्रसाद (SSP), जीत का अंतर 6.0%