कांधलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
वीरेन्द्र सिंह (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 57.2% वोट पाकर कांधला सीट जीती और संजय कुमार (INC) को 29,433 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 404 बड़ौत थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 404 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वीरेन्द्र सिंह 28.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेन्द्र सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 58,27757.2% |
| 2 | संजय कुमार | 28,84428.3% | |
| 3 | प्रेमजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 12,08211.9% |
| 4 | कृष्ण बंधु निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3711.4% |
| 5 | युनुस LKD(B) | LKD(B) | 3570.3% |
| 6 | देश राज | 3330.3% | |
| 7 | ज़हीर निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 8 | नेत्रपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 9 | शहाबुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.1% |
| 10 | मोहम्मद जावेद निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 11 | नरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांधला से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 62.7% से घटकर 56.9% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974मूल चन्द (BKD), जीत का अंतर 6.0%
- 1977अजब सिंह (JNP), जीत का अंतर 16.6%
- 1980वीरेन्द्र सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 6.6%
- 1985वीरेन्द्र सिंह (LKD), जीत का अंतर 22.9%
- 1989वीरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 28.9%
- 1991वीरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 28.1%
- 1993रतन पाल पंवार (BJP), जीत का अंतर 7.3%
- 1996वीरेन्द्र सिंह (BKKGP), जीत का अंतर 8.1%